बकरीद पर कुर्बानी क्यों की जाती हैं? और कहां से शुरू हुआ?

Eid– ul– Adha : पूरे देश में आज बकरीद का त्यौहार जोरों से मनाया जा रहा हैं। ये त्योहार ईद से लगभग 60 दिन बाद मनाया जाता हैं, इस दिन दुनियां के सारे मुसलमान अल्लाह की बारगाह में अपने प्यारे जानवर की कुर्बानी करते हैं। और खुदा से अपने कुर्बानी को कुबूल करने की दुआ करते हैं

कुर्बानी कहां से शुरू हुआ?

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इस्लाम धर्म में यह मान्यता हैं की आज से लगभग 1400 साल पहले अल्लाह ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्लाम के ख़्वाब में हुक्म दिया की वो अल्लाह के बारगाह में कुर्बानी करे। ये ख़्वाब देखकर हज़रत इब्राहीम अलैहिस्लाम सुबह में उठे और अल्लाह की बारगाह में 100 ऊंट कुर्बान कर दिए। अगली रात फिर से अल्लाह का यहीं हुक्म था की वो कुर्बानी करे, अगले दिन हज़रत इब्राहीम अलैहिस्लाम ने फ़िर से 100 ऊंट अल्लाह की बारगाह में कुर्बान कर दिए। ये सिलसिला कई दिन चलता रहा अल्लाह भी इनका परीक्षा लेता रहा। जब हज़रत इब्राहीम अलैहिस्लाम के पास अब कुछ भी कुर्बान करने के लिए नहीं बचा तो उन्होंने अल्लाह की बारगाह में इतेज़ा की कि या अल्लाह अब हमारे पास कुछ भी कुर्बान करने को नहीं बचा हैं। तो अल्लाह ने ख़्वाब में कहां अपनी सबसे पसंददीदा चीज़ को कुर्बान करो। ये आदेश होते ही हज़रत इब्राहीम अलैहिस्लाम समझ गए की उन्हें अपने बेटे हज़रत इस्माइल अलैहिस्लाम को कुर्बान करना पड़ेगा क्यों की उनके सबसे पसंददीदा उनके बेटे ही थे। उसके बाद ये सब वाक्या अपने बेटे को बताया तो बेटे ने कहा अब्बा हुज़ूर आप मुझे अल्लाह की बारगाह में कुर्बान करेंगे मेरे लिए इससे बड़ी नेमत और क्या हो सकती हैं । उसके बाद अगले सुबह अपने बेटे को नहलाया और नया कपड़ा पहना के कुर्बान गाह की तरफ़ ले कर चल पड़े। कुर्बान गाह पहुंचने के बाद बेटे ने कहां की अब्बा हुज़ूर आप अपने और मेरे आंखों पर पट्टी बांध दीजिए। उसके बाद आंखो पर पट्टी बांधी गई और कुर्बान गाह में लिटा दिया, और उसके बाद छुरी चला दिया। छुरी चलाने के बाद आंख से पट्टी हटा कर देखते हैं तो छुरी हज़रत इस्माल के गर्दन पर नहीं बल्कि दुम्मा भेड़े कि गर्दन पर चली हैं। और हज़रत इस्माइल बाहर खड़े हैं। अल्लाह के इस करिश्में से सब का ईमान ताज़ा हो गया। और यहीं से हर मुसलमान के उपर कुर्बानी वाजिब हो गई।

कुर्बानी किस पर वाजिब हैं?

कुर्बानी हर उस मुसलमान पर वाजिब हैं जो साहिबे ए हैसियत हैं जिस शख्स के पास साढ़े सात तोला सोना या साढ़े बावन तोला चांदी हो उसपर कुर्बानी वाजिब हों जाती हैं

कुर्बानी किस पर वाजिब नहीं हैं?

कुर्बानी उस शख्स पर वाजिब नहीं जो मांग कर खाता हों या अपना पेट पालने तक ही कमाता हो। या उस पर किसी का कर्ज़ हों जो अदा न कर पता हो यानि कुल मिलाकर जो मुसलमान साहिबे ए हैसियत ना हों उस पर कुर्बानी वाजिब नहीं हैं।

मुफ्ती सलमान अज़हरी हुए “हज” के लिए रवाना !

मुफ्ती सलमान अजहरी

हज: इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती सलमान अजहरी गुरुवार को हज के लिए मक्का शरीफ़ हुए रवाना उन्होंने ने कहा अल्लाह हमारे यात्रा और हज को कूबुल फरमाए ।

मुफ्ती सलमान अज़हरी शेर ए सुन्नत और रिसर्च इस्लामिक स्कॉलर के नाम से जानें जाते हैं इनकी फैन फॉलोइंग हिंदुस्तान में करोड़ों के तादात में हो गई हैं।

जब भी कोई नमूसे रिसालत के बारे में कुछ बोलता है तो सबसे पहले मुफ्ती सलमान अजहरी आगे आ कर उसका सामना करते हैं पिछले दिनों जब नरशिंघा नंद ने पैगम्बर साहब के बारे में बोला था तो मुफ्ती सलमान अजहरी ने उसे मुंह तोड़ जवाब दिया था । और नर्शिंधा नंद मैदान छोड़ कर भाग गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर मर्डर का जिम्मेदार नूपुर शर्मा को ठहराया। और कहां नूपुर देश से माफ़ी मांगे!

Pic( live law)

सुप्रीम कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट ने आज नुपुर शर्मा के याचिका के उपर सुनवाई करते हुए कहा कि पिछले दिनों नुपुर शर्मा ने टीवी पर बैठकर पैगंबर मोहम्मद साहब पर गलत टिप्पणी की थी। जिसके वजह से ना सिर्फ़ देश में बवाल हुआ बल्कि खाड़ी देशों ने भी भारत के खिलाफ़ गुस्सा दिखाया।

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहां की नूपुर शर्मा के उस विवादित बयान से ही देश में जगह जगह दंगे हुए और पिछले दिनों उदयपुर में कन्हैया लाल के मर्डर का जिम्मेदार भी नुपुर शर्मा “अकेले” जिम्मेदार हैं ।

सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, “हमने इस पर बहस देखी कि उसे कैसे उकसाया गया। लेकिन जिस तरह से उसने यह सब कहा और बाद में कहा कि वह एक वकील थी, वह शर्मनाक है। उसे पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।”

Eid Al -Adha का दिखा चांद 10 जुलाई को मनाई जाएगी बकरीद

बकरीद का चांद

बकरीद: मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार बकरीद का चांद आज दिखा देश भर में 10 जुलाई को मनाई जाएगी बकरीद।

बकरीद क्यों मनाई जाती हैं?

इस्लाम में बकरीद की शुरुआत पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्लाम से कुर्बानी देने की परंपर शुरु हुई है. मान्यता है कि एक रात अल्लाह ने हजरत इब्राहिम अलैहिस्लाम के सपने में हुक्म दिया अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी दो. उसके बाद इब्राहिम अलैहिस्लाम ने एक-एक कर अपने सभी प्यारे जानवरों की कुर्बानी दे दी, लेकिन सपने में एक बार फिर अल्लाह से उन्हें अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने का आदेश मिला. कहा जाता है कि इब्राहिम अलैहिस्लाम को उनका बेटा सबसे ज्यादा प्यारा था, लेकिन अल्लाह के आदेश का पालन करते हुए वे अपने बेटे की कुर्बानी देने पर तैयार हो गए उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देते समय अपने आंखों पर पट्टी बांध ली और कुर्बानी के बाद जब आंखे खोली तो उनका बेटा जीवित था और उनकी जगह एक दुम्मा भेड़ा कुर्बान हो गया था। उसके बाद से ही दुनियां भर में हर साल करोड़ों के तादाद में लोग कुर्बानी करते हैं।

जमीयत उलेमा– ए –हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने किया एलान

उन्होंने ने कहां की ज़िल हिज्जा का चांद नजर आया। 1 जुलाई को ज़िल हिज्जा की पहली तारीख और 10 जुलाई को #ईद उल अज़हा होगी।*

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid0CYDDnpg3mMRaRj8tyqaVUaDAvzb7N5d45mmwMbcxVwrAtBsWh9ocwGtff99kNWhil&id=100044891353650&sfnsn=wiwspmo

एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के नए मुखमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया एलान।

एकनाथ शिंदे (फ़ाइल फ़ोटो)

महाराष्ट्र राजनीति: कई दिन से महाराष्ट्र की राजनीति उठापटक हो रही थी लेकिन अब हुई स्थिर बागी विधायकों को लेकर भागे एकनाथ शिंदे अब बनेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री। देवेंद्र फडणवीस ने समर्थन देने का किया एलान। एकनाथ शिंदे आज शाम 7: 30 बजे लेंगे शपथ।

देर रात अपने विधायकों को लेकरगोवा पहुंचे थे शिंदे

19 जून को उद्धव ठाकरे की सरकार से बगावत करने के बाद शिंदे ने अपने विधायकों को लेकर फरार हो गए थे देर रात उन्होंने अपने विधायकों को लेकर गोवा पहुंचे, और गोवा से सीधे मुंबई राजभवन आए और उन्होंने ने सरकार बनाने की पेशकर की ।

हालांकि कयास ये लगाया जा रहा था की देवेंद्र फडणवीस बनेंगे मुख्यमंत्री लेकिन शिंदे ने अपने खेल के आगे सबको धराशाही कर दिया

https://theseen.news.blog/2022/06/30/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-48-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%95/

महाराष्ट्र: 48 घंटे में हो सकता हैं नए मुखमंत्री का एलान! फ्लोर टेस्ट में उद्धव ठाकरे हारे दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा।

उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र राजनीति : महाराष्ट्र के राजनीति अब लगभग लगभग क्लियर हो गया है सुप्रीम कोर्ट में फ्लोर टेस्ट हारे उद्धव ठाकरे ने दिया इस्तीफा और साथ में ही विधान सभा सीट को भी छोड़ दी हैं।

राज्य पाल ने उद्धव ठाकरे का इस्तीफ़ा किया स्वीकार

उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट हारने के बाद राज्यपाल कोश्यारी जी को जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया हैं। जिसके बाद राज्यपाल ने उसे स्वीकार कर लिया हैं। उसके बाद देवेंद्र फड़नवीस के बंगले पर बीजेपी का बैठक चल रही हैं।

ऐसे में माना ये जा रहा हैं की देवेंद्र फडणवीस को 48 घंटे के अंदर महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता हैं। बागी विधायक गोवा से आज शाम तक मुंबई वापस आ सकते हैं ।

Udaipur murder: कातिल के भाई ने कहां की वो “अपने भाई के मरने पर भी नही आया था ” और साथ में ये भी कहां की उसे सज़ा हो!

कातिल का भाई ( फ़ोटो आज तक)

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल के निर्मम हत्या के बाद आज तक के रिपोर्टर ने कातिल के भाई से पूछा सवाल तो कातिल के भाई अब्दुल अय्यूब ने कहां की

“उदयपुर में वह क्या काम करता है मुझे मालूम नहीं हैं. 20-22 साल से हमारा कोई कनेक्शन नहीं है. उसने गलत काम किया है. धर्म के नाम पर यह गलत है. हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा करवाना गलत है. भले मेरा भाई हो या कोई भी हो जो गलत काम करेगा वह सजा पाएगा.”

कातिल के भाई ने कहां की उसने देश और गांव का नाम खराब किया है उसे सज़ा मिलनी चाहिए । भीलवाड़ा में था कातिल का घर फिलहाल पुलिस ने घर की सुरक्षा बढ़ा दिया है।

वही आज तक के रिपोर्टर ने कातिल के भतीजे से बात चीत किया तो उसने कहां कि

“जो भी हुआ है वह गलत हुआ है. ऐसा नहीं करना चाहिए था. उनके चक्कर में हमारे आसींद में भाईचारा टूटा है. भीलवाड़ा की बदनामी हुई है. परिवार की बदनामी हुई है. मेरे पिता इकबाल मोहम्मद के निधन पर भी वह (रियाज) नहीं आया था. यहां से जाने के बाद वह अपने कई भाइयों से संबंध नहीं रखते थे.”

पूरे राजस्थान में धारा 144 लगाई गई।

टेलर कन्हैया लाल के निर्मम हत्या से फिलहाल माहौल तनाव में हैं और पूरे राजस्थान में धारा 144 लगाई गई है ताकि कोई भी घटना ना घट सके । और उदयपुर, दौसा, अजमेर में इंटर नेट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया हैं।

गृहमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा कन्हैया कुमार मर्डर केस की जांच NIA को सौंपी गई है..

https://twitter.com/HMOIndia/status/1542020613631791104?t=VBeIDrRoFWmZfhBEiKlKWg&s=19

Udaipur murder Live Update: राजस्थान के उदयपुर में हुए निर्मम हत्या के पीछे किसका हाथ?

उदयपुर में हुए निर्मम हत्या को लेकर देश में हलचल मच गया हैं। हर तरफ तनाव का माहौल बना हुआ हैं।

पिछले दिनों BJP के निष्कासित प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने एक टीवी चैनल पर बैठ कर प्रॉफेट मोहम्मद साहब पर गलत बयान दिया था। जिससे देश का माहौल पूरी तरह से ख़राब चल रहा हैं कही पर दंगे हो रहे हैं तो कहीं पर कत्ल राजस्थान के उदयपुर में हुए कत्ल का भी जिम्मेदारी भी नूपुर शर्मा पर ही जा रहा है क्यों की मृतक कन्हैया लाल साहू ने सोशल मीडिया पर नुपुर शर्मा के बचाव में पोस्ट लिखा था, जिससे वहां का माहौल बिगड़ गया। और कन्हैया कुमार को लगातार धमकी मिल रही थीं इस धमकी की शिकायत कन्हैया लाल ने पुलिस स्टेशन में की थी। लेकिन पुलिस ने इग्नोर कर दिया।

कत्ल करने वाले कौन हैं.?

मृतक कन्हैया लाल का कत्ल ही नहीं किया गया बल्कि उन कातिलों ने बकायदा वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया वीडियो इतना भयानक हैं की इसे यहां अपलोड नहीं किया जा सकता हैं। विडियो में कातिल कन्हैया लाल के पास जाते हैं जो पेशे से टेलर था और उससे कपड़े सिलवाने के बहाने उसपर धारदार हाथियार से हत्या कर देते हैं।

पुलिस ने किया गिरफ्तार!

फिलहाल पुलिस ने दो कातिलों को गिरफ्तार कर लिया हैं और सूत्रों के हवाले से खबर है की ये कत्ल करने वाले आतंकी है जो मुस्लिम का रूप ले कर देश का माहौल ख़राब करना चाहते हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा की कातिल नहीं बचेंगे उनके उपर सख़्त कार्यवाही होगी। और लोगो से शांति बनाए रखने को कहा हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर के लोगो से शांति बनाए रखने को कहा है

इस घटना से देश के सभी बड़े लोग और नेताओं ने देश में शांति बनाए रखने के लिए कहां हैं और हमारी टीम भी आप सभी से शांति बनाए रखने की अपील करती है और इस वीडियो को शेयर करने से भी मना करती हैं।

अमेरिका: ट्रक में मिला 46 लोगों की लाश! मचा हड़कंप

अमेरिकी पुलिस

अमेरिका: अमेरिका के टेक्सास में एक ट्रैक्टर ट्रेलर में 46 लोगों की लाशे मिली हैं प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह मानव तस्करी थी। ट्रक शहर के दक्षिण में एक रेलवे लाइन के पास मिला था। एएफपी समाचार एजेंसी ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से कहा है।

अमेरिका के मर्सोलो ने ये ट्वीट कर के कहा की अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मृतक किस देश के थे। “टेक्सास में एक बहुत ही दुखद घटना। कहा जाता है कि ट्रेलर में दम घुटने से अंदरूनी सूत्रों की मौत हो गई।

कहां जा रहा है ये नागरिक चुपके से अमेरिका में घुस रहे थे जिसे बाद इन्हे पकड़ कर ट्रक में बंद कर दिया गया था।

Alt News के पत्रकार मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने बिना FIR के किया गिरफ्तार! राहुल गांधी बोले सच्चाई पर हमला हैं।

मोहम्मद जुबैर pic by Twitter

Alt news के बेबाक पत्रकार और झूठ का पर्दाफाश करने वाले मोहम्मद जुबैर को आज दिल्ली पुलिस ने बिना नोटिस और बिना FIR के पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया ।

कौन हैं मोहम्मद जुबैर?

Alt news के सह संस्थापक और पत्रकार हैं मोहम्मद ज़ुबैर जो हर रोज़ हो रहे झूठ के प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश करते हैं। पिछले कुछ दिनों से ही मोहम्मद ज़ुबैर को टारगेट किया जा रहा था क्योंकि नूपुर शर्मा के खिलाफ़ चल रहे झूठ का खुलासा किया था। और उसका असली सच देश के सामने लाया था।

AltNews के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने कहा कि मो. जुबैर को 2020 से एक अलग मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था, जिसमें अदालत ने उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की थी। लेकिन उन्हें इस नए मामले में बिना किसी अनिवार्य सूचना के गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली पुलिस पर उठ रहा हैं सवाल!

मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने धोखे से पूछताछ के लिए बुलाया और गिरफ्तार कर लिया वो भी 2018 के एक पुराने ट्वीट के मामले में । पुलिस ने कहा कि यह मामला इस महीने ट्विटर हैंडल ‘@balajikijaiin’ द्वारा की गई एक शिकायत पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद जुबैर ने एक छवि को “जानबूझकर एक विशेष धर्म के भगवान का अपमान” करने के लिए ट्वीट किया था।

ये वहीं पुलिस हैं जो पिछले दिनों एफआईआर दर्ज़ होने के बावजूद भी नुपुर शर्मा को गिरफ्तार नहीं किया बल्कि उसे सुरक्षा भी दिया। जबकि लाखों लोगों ने नुपुर शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए ट्विटर पर दिल्ली पुलिस को टैग किया था।

और जुबैर मामले में ट्विटर के एक टैग से दिल्ली पुलिस ने सुपर मैन की तरह एक्शन ले लिया। दिल्ली पुलिस के इस रवैए से लोगों में नाराज़गी और दो आंखी करने का आरोप लगा रहे हैं। और साथ ही में #IstandWithZubair का हैस टैग भी चला रहे हैं।

इस गैर रवैए बर्ताव से कांग्रेस नेता राहुल गांधी जी ने गिरफ्तारी के खिलाफ ट्वीट किया और भाजपा सरकार की आलोचना की। “सच्चाई की एक आवाज को गिरफ्तार करने से केवल एक हजार और पैदा होंगे,” उन्होंने कहा।

Gujarat: 2002 में हुए गोधरा कांड का वो खौफनाक सच जिसे सुन कर लोग आज भी रोने लगते हैं! इस कांड में प्रधान मंत्री का कितना रोल था?

गोधरा कांड pic by google

गुजरात गोधरा कांड: लोग इस घटने का शुरुआत 27 फ़रवरी 2002 को मुस्लिमों द्वारा ट्रेन में आग लगने से ही करते हैं। लेकिन इसके पीछे का इतिहास कोई नही बताता की मुस्लिमो ने आग क्यों लगाई?

इस कहानी के पीछे का असली सच क्या था?

27 फ़रवरी के सुबह के समय भीड़ ने पेट्रोल डाल कर ट्रेन के डिब्बों में आग लगा दिया जिसमे 59 कारसेवको की मौत हो गई जो ट्रेन द्वारा अयोध्या से वापस आ रहे थे। ये वही कार सेवक थे जो अयोध्या में बाबरी मस्जिद को शहीद करने में हाथ था। कहां जाता है मस्जिद शहीद करने के बाद ये मुसलमानों को टॉर्चर कर रहे थे।

चुकी 18 सितंबर : नानावटी आयोग ने गोधरा कांड की जाँच सौंपी और कहा कि यह पूर्व नियोजित षड्‍यंत्र था और एस-6 कोच को भीड़ ने पेट्रोल डालकर जलाया। जिसमे कई समुदाय के लोग सामिल थे। 12 फ़रवरी 2009 उच्च न्यायालय ने पोटा समीक्षा समिति के इस फैसले की पुष्टि भी की थी।

दो समुदाय के बीच प्रदर्शन

एक मुस्लिम बुजुर्ग के आंखो देखा सच!

अब तक गोधरा कांड कांड पूरी तरह से हिंदू मुस्लिम का रूप ले चुका था। हर तरफ दहशत और लाशे नज़र आ रही थी, बजरंग दल हाथों में तलवारे, बंदूके, ईट, पत्थर, आग लेकर रोड पर निकल पड़ा था। जहां भी मुस्लिम घर नज़र आता वहा वो लोग घर में घुसकर मुस्लिमों के पूरे खानदान को ख़त्म कर देते और घर में आग लगा देते थे।

इसी बीच एक ऐसा घटना घटा की सुन कर आपके रूह कांप जायेगा। हिंदू बजरंग दल वाले एक बुजुर्ग मुस्लिम के घर में घुसते है जहां उसके बेटे बहुएं और बेटियां मौजूद थीं, फिर उन लोगो ने बुजुर्ग के सामने उसके बेटों को मारकर बहुएं और बेटियों का बलात्कार किया और फिर प्रेगनेट बहु का जिंदा रहते ही तलवार से पेट को चीरा और पेट से सात महीने के बच्चे को बाहर निकालकर बुजुर्ग के सामने ही बच्चे को तलवार से दो टुकड़ा कर देता हैं। फिर पूरे खानदान का कत्ल कर के अगले घर में दहशत मचाने पहुंच जाते हैं

लगभग 1000 से ज्यादा मुस्लिमों को जान से मारा गया।

दंगा इतना ज्यादा भड़क चुका था की प्रशासन के हाथ में काबू से बाहर था वहां के मुख्य मंत्री रहे नरेंद्र मोदी जी ने भी मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार को नजरंदाज कर दिया था और कत्ल का सिलसिला महीनों चलता रहा और हजारों मुस्लिमो का कत्ल कर दिया गया। वहीं 250 हिंदुओं को भी अपनी जान गवानी पड़ी थी।

इतने बड़े दंगे की साजिश के पीछे नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठराया गया।

महीनो बाद जब दंगा शांत हुआ और इंक्वायरी शुरू हुई तो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय भट्ट ने गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को शामिल बताया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में यह बात कही है. एसआईटी पर सच छिपाने के आरोप लगाए.
भट्ट का कहना है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट में इसलिए जाना पड़ा क्योंकि इस कांड की छानबीन के लिए बनी विशेष जांच टीम (एसआईटी) पर उन्हें भरोसा नहीं है. अपने हलफनामे में भट्ट ने जांच एजेंसियों पर गुजरात सरकार नरेंद्र मोदी को बचाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इस मामले में मौजूद जानकारी पर काम नहीं किया जा रहा है. भट्ट का दावा है कि वह 27 फरवरी 2007 को मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में मौजूद थे जिनमें अब के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अधिकारियों को इस मामले पर ज्यादा तवज्जो न देने को कहा। इससे ये साबित हो गया की गोधरा काण्ड के पीछे नरेंद्र मोदी जी का हाथ था.

इतना सबूत होने के वावजूद कोर्ट ने क्लीन चिट पर मुहर लगा दिया।

गुजरात दंगो में न सिर्फ़ मोदी जी का हाथ था बल्कि मोदी जी का पूरा सहमति था और 3 दिन तक मुस्लिमो के कत्ल करने का खुला छूट भी दिया था। आज तक के ऑपरेशन कलंक में इसका पूरा खुलासा हुआ था। फिर भी 25 जून को कोर्ट ने गोधरा कांड की सुनवाई करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट पर मुहर लगा दी।

आज तक के ऑपरेशन में मोदी जी को हिंसा का जिम्मेदार माना।

अग्निपथ योजना का क्यों हो रहा है विरोध? इस योजना से देश पर क्या पड़ेगा असर?

अग्निपथ योजना का विरोध करते छात्र

पिछले दिनों राजनाथ सिंह ने युवाओं के लिए मिशन अग्निपथ योजना का शुरुआत किया जिसमे 17 साल से 21 साल तक के युवाओं को सेना में 4 साल के लिए भर्ती किया जायेगा।

इस योजना को लांच करते ही देश भर के युवा प्रदर्शन करने रोड पर उतर आए। और भरी विरोध किया कई जगह इस भीड़ को काबू करने के लिए अंशु गैस के गोले छोड़े गए तो कही पर युवाओं को लाठी डंडे से पीटा गया और जेल में डाला गया। इससे प्रदर्शन कर रहे युवाओं में और ज्यादा आक्रोश आ गया और आज छपरा तीन के डिब्बों में आग लगा दिया है । जिसको काबू करने के लिए भरी मात्रा में फोर्स बल तैनात किया गया है।

छपरा ट्रेन के डिब्बों में आग लगाया

आखिर क्यों हो रहा है इसका विरोध?



जब से इस योजना को लांच किया गया है तब से लगातार इसका विरोध किया जा रहा हैं। कुछ एक्स्पर्ट और युवाओं का कहना है कि अगर सरकार 5 साल के लिए है तो नौकरी 4 साल का क्यों? और हमे 4 साल बाद सेना से निकाल दिया जाएगा तो उसके बाद हम करेंगे क्या? जबकि सरकार का कहना है कि हम 4 साल के लिए उचित पैकेज भी दे रहे हैं।


इस योजना से क्या देश की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा .?


एक्सपर्ट का मानना है कि इस योजना की वजह से भारतीय सेना में ‘नौसिखिए’ जवानों की संख्या बढ़ जाएगी. और इससे समाज के ‘सैन्यीकरण’ का ख़तरा है तथा इससे हर साल क़रीब 40 हज़ार युवा बेरोज़गार होंगे।

अब देखना ये है की भारी विरोध के बाद सरकार ये योजना वापस लेती है या इसको ऐसे ही लांच करेगी।